हमको नाम बदलने होंगे

करवट लेकर समय बदलता हमको काम बदलने होंगे
चलन ज़माने का ऐसा है, हमको नाम बदलने होंगें
साकी की आंखों से मय अब हाला बन कर उबल रही है
मयखाने में उठा जलजला, हमको जाम बदलने होंगें
अपने बूते पर मंज़िल तक चलने की अब रीत नहीं है
बैसाखी कांधों के नीचे, हमको पांव  बदलने होंगे
बस्ती का मुखिया करता है चोर [...]

होता ज़िक्र हमारा ही

सूरज चाँद सितारे उनके गुलदानों में कैद हुए
साथ हमारा रहा निभाता, एक सिरफ़ अंधियारा ही
शहदीले सपने चाहे जितने भी भर लो आँखों में
टपकेगा उनसे जो ,होगा केवल आँसू खारा ही
चाहे देखो नफ़रत से या उसे हिकारत से देखो
अल्ला का बन्दा रहता है उसको हरदम प्यारा ही
बुझी राख को उलटो पलटो, खूब हवायें दे देखो
भड़काता है आग [...]

एक कहानी लिख देंगे

सोच रहे हैं तुम कह दो तो एक कहानी लिख देंगें
लोहू उबला नहीं हुआ है कैसे पानी लिख देंगें
कलम हो चुके हाथों में कब कलम कोई रुक पाती है
कैसे एक कलम की देखो रुकी रवानी लिख देंगें
कैद कफ़स में सुखनवरी के तायर थे जो आवारा
मोल भाव करते करते जो लुटी जवानी लिख देंगें
कासिद के हाथों [...]

उठते हैं तूफ़ान बहुत

यौं तो हम पर पहले से ही थे उनके अहसान बहुत
और मोड़ने लगे इधर जो आते हैं तूफ़ान बहुत

वक्त मिलेगा अगर कभी तो उनको शाया कर देंगे
लिख कर रखे हुए हैं हमने गज़लों के दीवान बहुत

दोमाले पर जाकर जबसे बैठे, तब से बदल गये
कल तक जिन का दावा सबसे है उनकी पहचान बहुत

साया-ए-लश्कर में चलते [...]

अब न चाहत रात की

हम मरुस्थल की जमीं से , आन में दरके बहुत
बादलों से भीख पर मांगी नहीं बरसात की
आँज कर घनश्याम हमने नैन में अब रख लिये
अब न सुरमे की , न काजल की न चाहत रात की
ढूँढ़ते  बाज़ार में   पीतल      मुलम्मा     जो चढ़ा
जब गंवा दीं स्वर्ण की जो   चूड़ियां थी हाथ की
था सुना विषधर रहा करते [...]