उठते हैं तूफ़ान बहुत
Posted on May 17, 2007 by arunima
यौं तो हम पर पहले से ही थे उनके अहसान बहुत
और मोड़ने लगे इधर जो आते हैं तूफ़ान बहुत
वक्त मिलेगा अगर कभी तो उनको शाया कर देंगे
लिख कर रखे हुए हैं हमने गज़लों के दीवान बहुत
दोमाले पर जाकर जबसे बैठे, तब से बदल गये
कल तक जिन का दावा सबसे है उनकी पहचान बहुत
साया-ए-लश्कर में चलते [...]
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