हमको नाम बदलने होंगे

करवट लेकर समय बदलता हमको काम बदलने होंगे
चलन ज़माने का ऐसा है, हमको नाम बदलने होंगें
साकी की आंखों से मय अब हाला बन कर उबल रही है
मयखाने में उठा जलजला, हमको जाम बदलने होंगें
अपने बूते पर मंज़िल तक चलने की अब रीत नहीं है
बैसाखी कांधों के नीचे, हमको पांव  बदलने होंगे
बस्ती का मुखिया करता है चोर [...]