मैं लिख रही हूँ ये चन्द बातें
Posted on July 30, 2007 by arunima
ज़माने भर का वज़न उठा कर मैं लिख रही हूँ ये चन्द बातें
जो सच है उससे नजर बचा कर, मैं लिख रही हूँ ये चन्द बातें
हमारे सीने में जो धड़कता है तुमने उसको न दिल है माना
उसी की धड़कन हरफ़ बना कर , मैं लिख रही हूँ ये चन्द बातें
जनाबे मन तुम उसूल अपने लिये [...]
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