सोता रह गया

जो न होना था यहां, बस वो ही होता रह गया
मुस्कुराना था जिसे, वो सिर्फ़ रोता रह गया
काफ़िले दहलीज तक आये व आगे बढ़ गये
और वो गफ़लत का मारा सिर्फ़ सोता रह गया
अब्र बरसे ख्वाब के हर रात ही दालान में
एक वो था, नींद के बस बीज बोता रह गया
शेख ने तस्वीह जो दी, टूट [...]